भारतीय खाने की विविधता में से एक अनूठी डिश है "लिट्टी चोखा"। यह बिहार का प्रसिद्ध खाना है जिसका स्वाद अपने आप में एक अलग मजा रखता है। इसमें लिट्टी और उसके साथी चोखा मिलकर खाया जाता है जिससे यह पूरे खाने का अनुभव देता है।
तैयारी में समय : 10 मिनट
लिट्टी चोखा क्या है :
लिट्टी चोखा एक प्रसिद्ध भोजपुरी व्यंजन है, जिसमें लिट्टी और चोखा दो प्रमुख घटक होते हैं। लिट्टी गेहूं के आटे से बनी गोलीयाँ होती हैं, जो अक्सर तले जाते हैं। चोखा विभिन्न सब्जियों और छोटे टुकड़ों में बनाया जाता है, जैसे कि बैगन, टमाटर, और आलू। यह एक पॉपुलर और स्वादिष्ट उपवासी व्यंजन है।
लिट्टी चोखा का स्वाद बहुत ही विशेष होता है। लिट्टी को घी में तलकर सर्दी और मक्खन के साथ परोसा जाता है, जो इसे और भी लाजवाब बनाता है। चोखा में भरपूर मसालों का इस्तेमाल होता है, जिससे यह खास और मजेदार लगता है। लिट्टी चोखा भारतीय खानपान की धरोहर में से एक है और यह भूकंप, भूख, और मिताहार की भावनाओं को प्रकट करता है।यहाँ हम आपको बिहार की मशहूर डिश लिट्टी और चोखा बनाने की सरल रेसिपी प्रस्तुत कर रहे हैं।
सामग्री:
- 2 कप गेहूं का आटा
- 2 छोटा चम्मच घी
- 1/2 छोटा चम्मच नमक
- पानी
कैसे बनाएं:
1. एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा,घी और नमक मिलाएं।धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए थोड़ा सख्त आटा तैयार करें आटा को ढककर 10 मिनट के लिए रेस्ट के लिए रख दें।
अब आता है लिट्टी का भाग:
सामग्री:
- 2 कप सत्तू
- 1 छोटा चम्मच अजवाइन
- 1 चम्मच बारीक़ कटा हुआ लहसुन
- 1 चम्मच बारीक़ कटा हुआ अदरक
- 1 चम्मच बारीक़ कटी हुई प्याज़
- 2 हरी मिर्चें (बारीक कटी हुई)
- 1/2 छोटा चम्मच अचार का मसाला
- 2 टीस्पून सरसों का तेल
- धनिया पत्तियाँ (कटी हुई)
- नमक स्वादानुसार
कैसे बनाएं:
2. एक बाउल में सत्तू, अजवाइन, बारीक़ कटा हुआ लहसुन ,बारीक़ कटा हुआ अदरक ,प्याज़, हरी मिर्चें ,धनिया पत्तियाँ , और अचार का मसाला ,सरसों का तेल और नमक स्वादानुसार मिलाएं।
4. कटोरी जैसा आकार बनाएं और उसमें तैयार किये गए सत्तू का मिश्रण डालें और लोई को बंद कर दें ऐसे ही सारे लिट्टी तैयार कर लें फिर आप चाहे तो उन्हें डीप फ्राई कर लें
6. फिर एक कुकर में 1 चम्मच घी या तेल डालकर ग्रीस करें और उसे स्टोव टॉप पर रखें
7. और उसे हल्का गरम होने दें फिर तैयार की हुई लिट्टी को कुकर में रख दें और ढक्क्न लगा दें ध्यान रहे की कुकर की सिटी और रबड़ निकाल दें
8. और फ्लेम को मध्यम रखें 5 मिनट बाद ढक्क्न हटाकर चेक करें और लिट्टी को पलट दें ताकि वो हर तरफ से पक जाये फिर से ढक्कन लगाकर उसे 7 से 8 मिनट पकाएं
9. लिट्टी को पलट दें ताकि वो हर तरफ से पक जाये फिर से ढक्कन लगाकर उसे 7 से 8 मिनट पकाएं इसी तरीके से दो तीन बार ढक्क्न लगाकर पकाएं
10. और चेक करें लिट्टी को पकने में 20 से 25 मिनट लग सकते हैं और लिट्टी जब पक कर तैयार हो जाएगी तो
11. उसमें क्रैक के निशान बन जाते है तो समझ लीजिये की लिट्टी तैयार हो चुकी है
12. देखने के लिए कि क्या लिट्टी पकी है, उसकी बाहरी परत में थोड़ी भूरी और कुरकुरी परत होनी चाहिए।
13. गरम गरम लिट्टी को चोखा (बैंगन, टमाटर, और आलू जैसे सब्जियों का मिश्रण) और घी के साथ परोसें।
अब आता है चोखा का भाग:
सामग्री:
- 2 बड़े आलू (उबालकर)
- 1 बड़ा बैंगन
- 2 बड़े टमाटर
- 2 हरी मिर्चें (कटी हुई)
- 1 टीस्पून बारीक़ कटा हुआ लहसुन
- 1 टीस्पून बारीक़ कटा हुआ अदरक
- 1 मध्यम आकार की प्याज़ बारीक़ कटी हुई
- 1 चुटकी हींग
- धनिया पत्तियाँ (कटी हुई)
- नमक स्वादअनुसार
कैसे बनाएं:
1. सबसे पहले बैगन को अच्छे से धो लें और किचन नैपकिन से अच्छे से पोंछ लें
2. फिर उसमें बीच में से लम्बे लम्बे कट लगाएं और अंदर देख लें की कोई कीड़ा तो नहीं फिर बैगन के ऊपर थोड़ा तेल लगाकर ग्रीस करें
3. और टमाटर के ऊपर भी तेल लगा दें अब बैगन और टमाटर को स्टोव टॉप पर रखें फ्लेम को मध्यम रखें
4. जब बैगन टमाटर एक तरफ से पक जाये तो उसे दूसरी तरफ पलट दें बैगन को भूनते समय स्टोव टॉप पर बैगन का पानी गिर सकता है
5. जिसे आप बाद में साफ कर सकते हैं बैगन और टमाटर भून जाने के बाद फ्लेम बंद कर दें और उन्हें थोड़ा ठंडा होने दें
6. अब आप चाकू या चम्मच की मदद से बैगन का सारा गुदा निकाल लें या फिर बैगन को पानी में डूबा दें
7. तो उसका छिलका बड़ी आसानी से निकल जायेगा और टमाटर का छिलका भी निकाल लें
8. अब एक बाउल में बैगन टमाटर उबले हुए आलू ,बारीक़ कटी हुई प्याज़ ,अदरक , लहसुन ,हरी मिर्च,
हरी चटनी बनाने के लिए सामग्री
- 1 टमाटर
- मुठ्ठी भर हरा धनिया
- 4 लहसुन की कलियां
- 1 इन्छ अदरक का टुकड़ा
- 2 हरी मिर्च
- स्वादानुसार नमक
- 1/2 नीम्बू का रस
बनाने की विधि :
3. लिट्टी और चोखा तैयार है गरम गरम लिट्टी को देसी घी में डुबोकर चोखा और हरी चटनी के साथ परोसें।
प्रो टिप्स
लिट्टी का आटा: लिट्टी का आटा थोड़ा सख्त होना चाहिए आटे में थोड़ा सा तेल या घी मिलाकर गारमांस के प्रति विशेष परिमाण का पानी मिलाएं और गाढ़ा आटा बनाएं।
ध्यान दें कि प्रेशर कुकर का उपयोग करते समय सतर्क रहें। पकाने का समय प्रेशर कुकर और गरमी स्रोत पर आधारित हो सकता है, इसलिए लिट्टी को जल्दी से पकने या जल न जाएं के लिए नजर रखें।
गरमा गरम सर्विंग: लिट्टी और चोखा को गरमा गरम परोसें। ऐसा करने से उनका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
साथी सौस: लिट्टी चोखा को खाते समय आप दही, प्याज और हरी चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं।
प्रेशर कुकर के ढक्कन से ढककर, लिट्टी को कम गरमी पर 20-25 मिनट तक पकाएं।लिट्टी को बार-बार पलटते रहें, ताकि यह बराबर से पके।
आग पर पकाने का तरीका: लिट्टी को तंदूर या भट्टी पर सेंककर पकाएं, यह उन्हें अधिक स्वादिष्ट बनाता है।
दीप-फ्राय: अगर आप लिट्टी को दीप-फ्राय करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले पकाने के बाद तेल में डालकर गोल्डन और कुरकुरे होने तक तल सकते हैं।
जैन वर्शन: जैन लोग बिना प्याज-लहसुन के खाते हैं, तो आप इन घटकों को छोड़कर चोखा बना सकते हैं।
लोकल ट्विस्ट: अपने आवासीय पसंदीदा अद्भुतियों को जोड़कर, आप लिट्टी चोखा को अपने तरीके से अनुकूलित कर सकते हैं।
स्वादिष्ट सलाद: चोखे के साथ ताजा सलाद सर्व करना उसे और भी स्वादिष्ट बना सकता है,बैगन का चोखा बनाने के लिए बिना बीज वाला बैगन चुने
ये भी देखें : आप चाहें तो लिट्टी को ओवन में छोटे गोले बनाकर उन्हें प्री-हीट किए गए ओवन में 180°C पर 25-30 मिनट तक बेक कर सकते हैं !
यदि आप चोखा बनाते समय प्याज़ ,अदरक ,लहसुन,हरी मिर्च को कच्चा नहीं डालना चाहते तो आप इन्हे तेल में थोड़ा भून लें और फिर मैश किये हुए बैगन ,आलू, नमक टमाटर डालें और साथ में चाहे तो गरम मसाला ,हल्दी पाउडर , लाल मिर्च पाउडर नमक ,धनिया पाउडर भी डाल सकते हैं लेकिन ऑथेंटिक चोखा की रेसिपी में लहसुन प्याज़ कच्चे ही डाले जाते है अगर आपको पसंद नहीं तो ना डालें
FAQ:
1. लिट्टी चोखा क्या होता है?
लिट्टी चोखा एक पारंपरिक बिहारी डिश है, जिसमें लिट्टी (गेहूं के आटे के गोले) को चोखा (मसालेदार सब्जी) के साथ सर्व किया जाता है।
2. लिट्टी बनाने के लिए कौन-कौन से सामग्री की आवश्यकता होती है?
लिट्टी बनाने के लिए आटा, सूजी, घी, दही, हरा धनिया, अदरक-लहसुन की कद्दूकस, अजवाइन, हल्दी, नमक आदि की आवश्यकता होती है।
3. लिट्टी को कैसे तैयार किया जाता है?
लिट्टी को बनाने के लिए आटे को घी, नमक, आदि के साथ मिलाकर गोले बनाए जाते हैं, और उन्हें तंदूर में सेंककर बनाया जाता है।








